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भारतीय रेलवे: विभिन्न प्रकार के ट्रैवल क्लास और उनमें मिलने वाली सुविधाएँ

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भारतीय रेलवे: विभिन्न प्रकार के ट्रैवल क्लास और उनमें मिलने वाली सुविधाएँ

इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारतीय रेलवे देश में यातायात का एक अहम माध्यम है। रोज लाखों लोग ट्रेन से सफ़र करते हैं। इन ट्रेन में मिलने वाली सुविधाएँ यात्रा की सुगमता, खर्च आदि सुनिश्चित करती है। भारतीय ट्रेनों में यात्रियों के सुविधा के लिए कई प्रकार के ट्रैवल क्लास होते हैं। इन ट्रैवल क्लास के किराएँ और मिलने वाली सुविधाएँ अलग अलग होती है। टिकट बुक करते समय आप जरूर ही इन विभिन्न प्रकार के ट्रैवल कोच को देखते होंगे और इनके बीच के अंतर पर विचार करते होंगे।  इस ब्लॉग में हम भारतीय रेलवे के विभिन्न प्रकार के डिब्बे और उनमें मिलने वाली सुविधाओं के बारें में जानेगें। 

 

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भारतीय रेलवे और उनके विभिन्न प्रकार के कोच 

 

जितना विकास और बदलाव भारतीय रेलवे ने अपने आविष्कार के बाद देखा, शायद ही यातायात के किसी मध्याम ने देखा होगा। भारतीय रेलवे का सफ़र जहां एक साधारण सी बोगी और उनमें बैठने के लिए मामूली सी सुविधा के साथ शुरू हुआ था। आज, ना सिर्फ उनमें सोने की व्ययस्था है बल्कि आनंदपूर्ण सुविधाएँ भी हैं। 

 

फर्स्ट एसी (First AC)- 1A

 

फर्स्ट एसी (First AC)- 1A

 

यह भारतीय रेलवे का सबसे महंगा और शानदार यात्रा का साधन है, जिसका किराया लगभग प्लेन के किराए के बराबर होता है। इसमें कोई साइड अपर या साइड लोअर बर्थ नहीं होती है। 1A कोच दो तरह के होते हैं। फुल एसी फर्स्ट क्लास कोच और हाफ एसी फर्स्ट क्लास कोच। फुल एसी फर्स्ट क्लास कोच  में 2 केबिन और पांच कूप अथवा 4 केबिन और 4 कूप  होते हैं, जिनसे 18-24 यात्री सफ़र कर सकते हैं। हाफ एसी फर्स्ट क्लास कोच में 2  केबिन और 1 कूप होते हैं, जिनमें 10 बर्थ होते हैं। बता दें, 2 बर्थ (1 लोअर + 1 अपर) वाले कम्पार्टमेंट को कूप कहा जाता है और 4 बर्थ (2 लोअर + 2 अपर) वाले को केबिन कहा जाता है। 

 

एसी प्रथम श्रेणी के प्रत्येक डिब्बे में एक दरवाजा होता है जिसे यात्री अंदर से बंद कर सकते हैं। साथ ही कुछ ट्रेन के 1A कोच में एक अटेंडेंट होता है, जिसको कॉल करने के लिए डिब्बे में एक बटन होता है। यह वातानुकूलित कोच केवल लोकप्रिय मार्गों पर मौजूद होता है। इसके बर्थ अधिक आरामदायक और बड़े होते हैं।  ऊपर के  बर्थ तक पहुंचने के लिए इसमें एक छोटी सी सीढ़ी होती है, साथ ही कचरा फेंकने के लिए कूड़ेदान होते हैं। लंबी यात्रा के लिए खाना खाने की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, इस कोच में यात्री के भोजन करने के लिए छोटी टेबल होती है। साथ ही, रेल यात्रियों के लिए स्पेशल मेन्यू होता है। विभिन्न स्थानों पर आईआरसीटीसी के किचन सेटअप से इसमें भोजन लोड किया जाता है।

 

इसके अलावा, कुछ ट्रेनों में प्रत्येक डिब्बे के अंदर वॉशबेसिन भी उपलब्ध होते हैं। हर कोच में शावर की सुविधा के साथ एक वॉशरूम होता है जिनमें यात्री फ्रेश हो सके। इन कोचों में इस्तेमाल होने वाले पर्दे फायर प्रूफ होते हैं और साफ कंबल उपलब्ध कराएँ जाते हैं। 1A कोच के लिए मैन्युअल रूप से चार्ट तैयार किया जाता है, इसलिए चार्ट तैयार होने के बाद ही यात्रियों को सीट नंबर मिलते हैं। इस वर्ग में पालतू जानवर (कुत्ते या कोई अन्य पालतू जानवर) को कुछ शर्तों के तहत ले जाने की अनुमति होती है।

 

एसी 2-टीयर (AC 2-Tier) - 2A Coach

 

एसी 2-टीयर (AC 2-Tier) – 2A

 

यह भारतीय रेलवे का दूसरा वातानुकूलित कोच है। इसका किराया फर्स्ट एसी से थोड़ा कम तथा एसी 3-टियर से ज्यादा होता है।  यह भी दो तरह के होते हैं- फूल एसी 2-टीयर और हाफ एसी 2-टीयर। इस कोच में कोई मिडल बर्थ नहीं होता है तथा हर कम्पार्ट्मेन्ट में केवल 6 बर्थ होता है। इसमें यात्रियों को आरामदायक जगह मिलती है, साथ ही इसमें हर बर्थ पर पढ़ने के लिए एक लैंप दिया गया है, जिसे कोई भी व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल कर सकता है। एसी फर्स्ट की तरह इसमें भी पर्दे होते है।  सेकेंड एसी में खाना आईआरसीटीसी से परोसा जाता है। यात्री जरूरत के हिसाब से इस कोच में अतिरिक्त खाना की मांग कर सकते है। हालांकि पैन्ट्री से खाना आने के कारण ये खाना उतना उम्दा नहीं होता। आप बेहतर यात्रा इक्स्पीरीअन्स करने के लिए रेस्टरउआर्न्ट का स्वादिष्ट खाना ट्रेन में ऑर्डर कर सकते हैं। 

 

Trains फर्स्ट क्लास (First Class) Coach- FC

 

फर्स्ट क्लास (First Class)- FC

 

यह ट्रैवल क्लास भी फर्स्ट एसी की तरह ही वीआईपी क्लास होती है।  हालांकि यह क्लास नॉन एसी होती है तथा इसका किराया सेकंड एसी और फर्स्ट एसी क्लास के किराए से कम होता  है। यह कुछ चुनिंदा ट्रेन मे ही उपलब्ध है। प्रथम श्रेणी में 2 बर्थ कूप और 4 बर्थ केबिन होते हैं जिनमें एक दरवाजा होता है जिसे एसी फर्स्ट क्लास की तरह अंदर से बंद किया जा सकता है। इस श्रेणी में साफ सफाई का वकायदा ध्यान रखा जाता है। इसमें रीडिंग लैंप होता है। बता दें, फर्स्ट क्लास कुछ लोकल  ट्रेनों और पैसेंजर ट्रेनों में बैठने की व्यवस्था के साथ होता है।   

 

एसी 3-टीयर (AC 3-Tier) - 3A Coach

 

एसी 3-टीयर (AC 3-Tier) – 3A

 

एसी 3-टीयर भारतीय रेलवे यात्रियों का सबसे पसंदीदा ट्रैवल क्लास है। इस वर्ग का किराया बाकी के स्लीपर एसी क्लास में सबसे कम होता है। इसके प्रत्येक कम्पार्ट्मन्ट में 8 बर्थ होते हैं। इस बोगी में मिडल बर्थ भी शामिल होता है। आराम और प्राइवसी के लहजे से यह स्लीपर बर्थ से थोड़ा बेहतर लेकिन एसी 2-टीयर और फर्स्ट एसी से कम होता है। इस कोच में रीडिंग लैंप, पर्दे नहीं होते हैं। साथ ही इस कोच के वॉशरूम भी 2एसी और फर्स्ट एसी स्लीपर कोचों की तरह साफ नहीं होते हैं।  थर्ड एसी कोच आमतौर पर ट्रेन के सबसे भारी कोच होते हैं।

 

थर्ड एसी इकनॉमिक class (Third AC Economic) - 3E

 

थर्ड एसी इकनॉमिक (Third AC Economic) – 3E

 

थर्ड एसी इकनॉमिक भारतीय रेलवे के कुछ ही ट्रेन में होती है। यह थर्ड एसी क्लास की तरह ही होती है बस इसमें एक कम्पार्ट्मन्ट में बर्थ की संख्या 9 होती है।  इस कोच में साइड मिडल बर्थ भी होता है। यह थोड़ा भीड़भाड़ वाला ट्रैवल क्लास है। यह आमतौर पर गरीब रथ और दुरंतो ट्रेनों मे है। 

 

स्लीपर क्लास (Sleeper Class)- SL Coach

 

स्लीपर क्लास (Sleeper Class)- SL

 

स्लीपर क्लास भारतीय रेलवे का सबसे इकनामिकल और ट्रेन सफ़र के लिए एक उत्तम कोच मन जाता है। इसमें ट्रेन वाली वो कतूहल भी होती है, और ट्रेन वाली चाय पर चर्चा भी। इस कोच में दोस्त बनाने से लेकर, खिड़की पर सुकून से घंटों बैठे रह जाने की सारी कसर पुरी हो जाती है। सुविधा के नाम पर इस कोच में आपको अडजस्ट करना पड़ेगा। इसमें एक कम्पार्ट्मन्ट में 8 बर्थ होते हैं। यह सबसे आम क्लास है, जो राजधानी जैसे ट्रेन को छोड़ कर लगभग सभी लंबी दूरी वाले ट्रेन में होगा। 

 

एग्जीक्यूटिव अनुभूति कोच (Executive Anubhuti)- EA

 

एग्ज़ीक्यूटिव अनुभूति कोच (Executive Anubhuti)- EA

 

एग्ज़ीक्यूटिव अनुभूति कोच भारतीय रेलवे में फ्लाइट की तरह बैठने की सुविधा प्रदान करती है। इस कोच में बैठने के लिए आरामदायक सीट, एलसीडी स्क्रीन, प्रत्येक सीट पर हेडफोन, एलईडी लाइटें लगी होती है। साथ ही इस कोच में स्वचालित दरवाजे होते हैं, हर सीट पर अटेंडेंट कॉल बटन , और खाने के लिए टेबल लगे होते हैं। हाइजीन के मामले में भी यह शानदार सुविधा उपलब्ध कराती है, इनमें मॉड्यूलर बायो-टॉयलेट, और अन्टचबल नल लगे होते हैं। इस कोच में यात्रियों को आने वाली स्टेशनस् की भी जानकारी दी जाती है। यात्रियों को एक बार जरूर ही इस लग्शरी कोच में सफ़र करना चाहिए, हालांकि इस कोच में टिकट कीमत फर्स्ट एसी इतनी या उससे अधिक होती है।  

 

AC इग्ज़ेक्यटिव क्लास (AC Executive) - EC

 

AC एग्ज़ीक्यूटिव क्लास (AC Executive Class) – EC

 

यह भी फ्लाइट की तरह ट्रेन जर्नी का बिजनस क्लास है, जो सभी सुविधाओं से लैस है। इसमें सीट अरैन्ज्मन्ट 2*2 में होती है। शताब्दी ट्रेनों, तेजस एक्सप्रेस और कुछ डबल डेकर ट्रेनों में एग्ज़ीक्यूटिव क्लास मौजूद है। इस श्रेणी के टिकट भी काफी महंगे होते हैं। 

 

एसी चेयर कार (AC Chair Car) - CC Coach

 

एसी चेयर कार (AC Chair Car) – CC

 

यह पूरी तरह वातानुकूलित कोच है, जिसके एक कम्पार्ट्मेन्ट में  3*2 में सीट अरैन्ज्मन्ट होता है। इसमें समान रखने की सुविधा होती  है। 

 

सेकंड सीटिंग (Second Seating) - 2S Coach

 

सेकंड सीटिंग (Second Seating) – 2S

 

सेकंड सीटिंग, एसी चेयर कार के समान केवल बैठने की सुविधा देता है। हालांकि यह एयर-कंडीशनिंग के बिना होता है।  इसमें भी 3*2 में सीट अरैन्ज्मन्ट होता है।  

 

अनारक्षित-सामान्य ट्रैवल कोच (Unreserved Coach) - UR

 

अनारक्षित/सामान्य कोच (Unreserved Coach) – UR

 

यह सबसे सस्ता और आम ट्रेन बोगी है। लोकल ट्रेन के लगभग सभी डिब्बे को अनारक्षित कोच ही कहा जाता है। यात्री ट्रेन आने के कुछ घंटे पहले इस ट्रेन का टिकट ले सकते हैं। अनारक्षित टिकट यूटीएस ऐप  या ATVM मशीन से भी ले सकते हैं। 

 

सैलून कार (Saloon Car)

 

सैलून कार (Saloon Car)

 

इंडियन रेलवे का सैलून कार ट्रेनों में होटल का माहौल देता है। इसके एक कोच में  एक मास्टर बेडरूम, एक सामान्य बेडरूम, एक किचन और विंडो ट्रेलिंग होता है। यात्री सैलून कोच को बुक कर सकते हैं, साथ ही चार से छह अतिरिक्त बिस्तर की मांग कर सकते है। सैलून कोच को भारतीय रेलवे ने पहली बार 29 मार्च 2018 को जम्मू मेल से जुड़ा था। सैलून कार को “Palace on Wheel” कहते हैं। 

 

विस्टाडोम (Vistadome) Coach

 

विस्टाडोम (Vistadome)

 

भारतीय रेलवे कुछ मुख्य पर्यटन मार्गों पर विस्टाडोम कोचों का संचालन करती है। विस्टाडोम ग्लास रूफ कोच होता है, जिससे ट्रेन के बाहर खूबसूरत नज़ारा दिखता है। इस ट्रेन का किराया एसी एग्जीक्यूटिव चेयर कार के बराबर होता है। पर यह शानदार जर्नी की अनुभूति करवाता है। 

 

हम कैसे जान सकते हैं कि हमारी ट्रेन की टिकट बुकिंग किस कोच में है?

 

ट्रेन टिकट में आमतौर पर कोच की जानकारी दी हुई रहती है। हालांकि पीएनआर चेक के दौरान भी आप कोच की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। टिकट में कोच की जानकारी देने क लिए संक्षित रूप का प्रयोग किया जाता है। जैसे स्लीपर क्लास के लिए SL, अनारक्षित टिकट के लिए UR इत्यादि। इन कोच के नामों के साथ नंबर का प्रयोग किया जाता है, जो कोच नंबर की जानकारी देती है। 

 

हम ट्रेन यात्रा के लिए कोच का चुनाव कैसे कर सकते हैं? 

 

टिकट बुकिंग के दौरान ट्रेन कोच का चुनाव किया जाता है। बुकिंग के दौरान आप भारतीय रेलवे का किराया भी देख सकते हैं। आप भारतीय रेलवे के अलग-अलग ट्रेन को विभिन्न कोच के किराया  देखने के लिए रेलमित्र रेल ऐप का प्रयोग कर सकते हैं। यह ऐप पीएनआर स्टैटस चेक, लाइव ट्रेन स्टैटस चेक, ट्रेन समय सारणी आदि जांच करने के मदद करता है। 

 

इसके अलावा आप इस रेल ऐप की सहायता से ट्रेन में खाना भी ऑर्डर कर सकते हैं। 

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