Indian Railways

भारतीय रेलवे टिकट रिजर्वेशन और इससे जुड़े आवश्यक नियम

भारतीय रेलवे का हम सभी भारतीयों के जीवन में एक खास महत्त्व है.हम सभी कभी ना कभी रेलवे प्रदत परिवहन सेवाओं का लाभ अवश्य उठाते हैं. रेलवे परिवहन का हमारे सामाजिक जीवन के महत्ता को समझने के लिये कही दूर जाने की जरूरत भी नहीं,घर के बाहर बच्चों को “रेल गाड़ी छुक-छुक-छुक” खेलते हुए अपने जरुर देखा होगा और कोई आश्चर्य नहीं की आपने भी अपने बचपन में यह खेल जरूर खेला होगा. बच्चों के इस खेल से ही पता चलता है की भारतीय रेलवे हमारे जीवन में अतरंग रूप से जुड़ा हुआ है. रेलवे का सफ़र कई बार तो आरामदेह और आनंदायक होता हैं, लेकिन उचित रूप से सीट नहीं मिलने पर या रिजर्वेशन से जुड़े जानकारियों के अभाव मे भी सफ़र के दौरान कई परेशानियों का सामना भी यात्रियों को करना पड़ता है. रेलवे के ऐसे कई नियम हैं जिनके बारे मे जानकारी होने से हम बहुत सारी परेशानियों से बच सकते हैं. इन सभी जानकारियों का फायदा आप भी उठा सकते हैं और अपने निकट भविष्य में होने वाली यात्राओं को अधिक आरामदायक और परेशानी-रहित बना सकते हैं.

चूँकि आंकड़ों के अनुसार भारतीय रेलवे एक दिन में लगभग २ कड़ोड़ लोगों के अंतर-स्थानिक परिवहन का संचालन करती है, इसलिए बेहतर यही है की आप अपने ट्रेन की टिकट को पहले ही सुनिश्चित करा लें ताकि आपको यात्रा के दौरान होने वाली परिवहन सम्बन्धी परेशानियों का सामना न करना पड़े.अब इन्टरनेट के ज़माने में भारतीय रेलवे सिस्टम ने भी अपनी एक इकाई “आई.आर.सी.टी.सी.” को रिजर्वेशन और यात्रा सम्बन्धी सुविधाओं को ऑनलाइन माध्यम से यात्रिओं तक पहुचाने के लिए अंगीकृत किया है. इस इकाई द्वारा प्रदान की गयीं सुविधाओं का लाभ आप भी उठा सकते हैं और घर बैठे मोबाइल फोन और इन्टरनेट के माध्यम सकते है से ही रेलवे टिकट को बुक कर सकते हैं और यदि आपका टिकेट वेटिंग या आर. ए. सी. में हो तो अपने पी. एन. आर. स्टेटस को भी चेक कर सकते है.रेलवे रिजर्वेशन के कुछ अन्य आवश्यक नियम यहाँ दिए गए हैं, जिनसे आपकी अगली रेल यात्रा ना ही सिर्फ शुभ बल्कि सुखदायक भी होगी.

रेलवे टिकट बुकिंग के लिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

  1. आप अपने पूर्व-निर्धारित यात्रा के लिए रेलवे टिकट रिजर्वेशन लगभग १२० दिन पहले अर्थात ४ महीने पहले से कर सकते हैं. इसके लिए आप ऑनलाइन माध्यम का अथवा रेलवे स्टेशन पर बनी हुई रिजर्वेशन काउंटर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
  2. रेलवे द्वारा कई प्रकार के छुट और सुविधाएँ विभिन्न श्रेणियों में दिए जाते है, जिनका इस्तेमाल आप अपने टिकट बुकिंग के लिए कर सकते हैं.

  3. इसे भी पढ़े: छात्रों, मरीजों और वरिष्ठ नागरिको को रेलवे की तरफ से छूट

  4. पुरुष यात्री जिसकी उम्र ६० वर्ष है और महिला यात्री जिसकी उम्र ५५ वर्ष या उससे अधिक है तो वह अपना टिकट “सीनियर सिटीजन” कोटा के अंतर्गत आरक्षित करवा सकते है. इस प्रकार से आरक्षित टिकट पर लगने वाले मूल्य पर छूट तो मिलती ही है, साथ ही साथ यात्रा के लिए निचे वाली बर्थ को भी सुनिश्चित किया जाता है.

  5. अकेली महिला,दिव्यांग यात्री और विधार्थी के लिए भी रिजर्वेशन कोटा को सुनिश्चित किया गया है, जिसका लाभ विभिन्न वर्ग और श्रेणियों के हिसाब से यात्रिओं को आवंटित किया गया है. तो आगर आप भी किसी वर्ग विशेष से आते हैं तो अगली बार टिकट रिज़र्व करने के लिए इन श्रेणियों का उपयोग कर सकते हैं.

  6. अचानक से किसी रेलवे यात्रा को करने कI बाध्यता हो तो आप “तत्काल टिकट बुकिंग” कर सकते हैं, जिसका आरक्षण ट्रैन के सोर्स स्टेशन से आरम्भ होने के २४ घंटे पहले किया जाता है. तत्काल बुकिंग के लिए आई.आर.सी.टी.सी. के पोर्टल पर ११ से १2 बजे तक स्लीपर क्लास के लिए और १० से ११ बजे तक ए.सी क्लास के लिए तत्काल टिकट बुकिंग होती है.

  7. ऑनलाइन बुक की गयीं टिकट्स अगर वेटिंग लिस्ट में, हो और ट्रेन के अंतिम चार्ट आने तक अगर स्टेटस वेटिंग लिस्ट ही हो तो टिकेट स्वतः कैंसिल माने जाते हैं.

  8. तत्काल टिकट के लिए रिजर्वेशन काउंटर से निर्धारित यात्रा के ४ घंटे पहले तक फार्म डाला जा सकता है. इस प्रकार से प्राप्त हुए तत्काल टिकट सामान्यतः वेटिंग लिस्ट वाले होते हैं और ये टिकट यात्रा के लिए मान्य होते है.अगर अचानक से कहीं जाने की आवश्यकता हो तो आप नजदीकी रिजर्वेशन काउंटर से रेल के यात्रा आरम्भ करने के निर्धारित समय से ४ घंटे पहले तक टिकट ले सकतें है.

अन्य जानकारियां और सुझाव

  1. आई.आर.सी.टी.सी. की वेबसाइट से यात्रा टिकट को आरक्षित कर सकता है.अमूमन एक आदमी अपने आई.आर.सी.टी.सी.आईडी से एक बार में सिर्फ ६ टिकटें आरक्षित कर सकता है.

  2. इसे भी पढ़े:अपने आधार को आई. आर. सी. टी. सी से लिंक करे और बुक करे १२ टिकट्

  3. आई.आर.सी.टी.सी. द्वारा बुक किये गए टिकट के साथ इनमे से कोई एक सरकारी पहचान पत्र, जो की वोटर आई डी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, या आधार कार्ड के साथ ही रेलवे यात्रा करें.बगैर पहचान पत्र के दिए हुए पी.एन.आर. नंबर पे यात्रा करने वालों को बिना टिकट यात्री माना जाता है और यात्री को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जैसे की जुरमाना या कुछ महीनो की जेल.अत:रेलवे टिकट के साथ एक पहचान पत्र को लेकर ही रेलवे यात्रा करना श्रेयकर है.

  4. जैसा की रेलवे टिकट की बुकिंग यात्रा के कई दिनों पहले ही करवा ली जाती है और टिकट पर ट्रेन की अनुमानित/निर्धारित समय निर्देशित होती है. लेकिन यात्रा के पहले टिकट पर दिए हुए पी.एन.आर. नंबर का इस्तेमाल करके अथवा ट्रेन के समयावली को देख कर ही रेलवे स्टेशन के लिए निकले जिससे की आपको रेलवे प्लेटफार्म पर अधिक देर तक परेशान नहीं होना पड़े.

  5. जिस वक़्त भी आप टिकट को आरक्षित करते है तभी “कन्फर्म टिकट” पर आपके यात्रा सम्बन्धी सभी जानकारियां लिखी हुई होतीं है. जैसे की आपका बर्थ नंबर, आपका कोच नम्बर और आपके द्वारा सुरक्षित की गयी टिकट के कोच की श्रेणी.

  6. लम्बी यात्राओं के दौरान आप आई.आर.सी.टी.सी. के फ़ूड पार्टनर्स से ही भोजन मंगाएं. किसी भी स्टेशन पर खुले में मिलने वाले खाद्य-पदार्थ से दुरी बनाए ताकि आप दूषित भोजन से होने वाली परेशानियों से दूर रह सकें.

इन सभी जानकारियों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए आप अपनी रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और आनन्द-दायक बना सकते हैं,इसके साथ ही आप अपने प्रियजनों को भी इन जानकारियों से अवगत करा के ट्रेन सेवाओं का बेहतर लाभ उठा सकते हैं. आपकी यात्रा शुभ हो!

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Author: Kriti


Kriti is a passionate writer who loves to write on travel destinations and food. She is completely into exploring travel destinations and writing her experiences . Interacting with people and enjoying cultural diversities are a part of her nature. Her hob